स्कूल एवं शिक्षण संस्थान वास्तु गाइड (School Vastu Guide)
1. स्कूल की भूमि और स्थान (Selection of Land)
वास्तु शास्त्र के अनुसार स्कूल के लिए वर्गाकार (Square) या आयताकार (Rectangular) भूमि सबसे उपयुक्त होती है। ऐसी भूमि जिसका विस्तार उत्तर या पूर्व की ओर हो, वह संस्थान के यश और कीर्ति में वृद्धि करती है। भूमि का ढलान उत्तर-पूर्व (ईशान) की ओर होना शुभ माना जाता है, जिससे ज्ञान का प्रवाह अबाधित रहता है।
2. मुख्य प्रवेश द्वार (Main Entrance)
स्कूल का मुख्य द्वार उत्तर (North) या पूर्व (East) दिशा में होना चाहिए। ईशान कोण (North-East) का द्वार छात्रों की एकाग्रता और शिक्षकों की विद्वत्ता को बढ़ाता है। दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम का द्वार संस्थान में अनुशासनहीनता और आर्थिक अस्थिरता ला सकता है।
3. प्रधानाचार्य का कक्ष (Principal's Office)
विद्यालय के मुखिया या प्रधानाचार्य का कक्ष हमेशा संस्थान के नैऋत्य कोण (South-West) में होना चाहिए। प्रधानाचार्य को बैठते समय उत्तर या पूर्व की ओर मुख करना चाहिए। यह दिशा नेतृत्व क्षमता और स्थिरता प्रदान करती है। उनके कक्ष के पीछे की दीवार मजबूत होनी चाहिए और वहां कोई खिड़की या दरवाजा नहीं होना चाहिए।
4. कक्षाओं की व्यवस्था (Classroom Arrangement)
कक्षाओं का प्रवेश द्वार पूर्व या उत्तर में होना चाहिए। छात्रों के बैठने की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि पढ़ते समय उनका मुख पूर्व या उत्तर की ओर हो। ब्लैकबोर्ड हमेशा कक्षा की पूर्व या उत्तर दिशा की दीवार पर होना चाहिए। ईशान कोण में खिड़कियां होने से ताजी हवा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
5. पेयजल और शौचालय (Water & Toilets)
पीने के पानी की व्यवस्था ईशान कोण (North-East) में होनी चाहिए, क्योंकि यह जल का स्थान है। इसके विपरीत, शौचालय कभी भी ईशान कोण में नहीं होने चाहिए। शौचालय के लिए वायव्य कोण (North-West) या दक्षिण दिशा सबसे उपयुक्त मानी जाती है।
6. खेल का मैदान और खुला क्षेत्र
स्कूल का ब्रह्मस्थान (केंद्र) और ईशान कोण हमेशा खाली और खुला होना चाहिए। बड़े खेल के मैदान संस्थान के पूर्व या उत्तर दिशा में होने चाहिए। भारी निर्माण कार्य हमेशा दक्षिण या पश्चिम दिशा में करना चाहिए।
7. प्रशासनिक कार्यालय और स्टाफ रूम
प्रशासनिक कार्यों के लिए उत्तर या पूर्व दिशा का चयन करें। स्टाफ रूम को वायव्य कोण (North-West) में बनाया जा सकता है, जिससे शिक्षकों के बीच सामंजस्य बना रहता है।
8. प्रयोगशाला और पुस्तकालय
विज्ञान प्रयोगशालाएं जहां अग्नि का कार्य होता है, उन्हें आग्नेय कोण (South-East) में होना चाहिए। पुस्तकालय (Library) को पश्चिम या उत्तर दिशा में बनाया जा सकता है।
9. रंगों का चयन और आंतरिक सज्जा
स्कूल की दीवारों पर क्रीम, हल्का पीला, हल्का हरा या सफेद रंग करना चाहिए। ये रंग शांति और ज्ञान के प्रतीक हैं। गहरे और भड़कीले रंगों से बचना चाहिए।
10. आध्यात्मिक क्षेत्र (Prayer Hall)
प्रार्थना सभा या मंदिर के लिए ईशान कोण (North-East) सबसे पवित्र स्थान है। यहाँ की ऊर्जा छात्रों में संस्कार और नैतिकता का संचार करती है।