व्यापार और करियर में सफलता केवल मेहनत पर निर्भर नहीं करती, बल्कि आपके कार्यस्थल की सकारात्मक ऊर्जा पर भी निर्भर करती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि ऑफिस की दिशाएं और सामान सही स्थान पर हों, तो प्रगति की राह आसान हो जाती है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऑफिस के लिए उत्तर दिशा, उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा या उत्तर-पश्चिम दिशा सबसे शुभ मानी जाती है। ये दिशाएं धन आगमन और व्यापारिक लाभ के लिए उत्तरदायी होती हैं।
ऑफिस के प्रमुख (Boss/CEO) को हमेशा दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) में बैठना चाहिए। उनका मुख उत्तर या पूर्व की ओर होना चाहिए।
ऑफिस की दीवारों के लिए सफेद, क्रीम या हल्का नीला रंग सबसे उपयुक्त है। गहरे रंगों जैसे काले या गहरे लाल से बचना चाहिए क्योंकि ये नकारात्मकता बढ़ाते हैं।
फर्नीचर लकड़ी का होना सबसे अच्छा माना जाता है। धातु के फर्नीचर का उपयोग कम से कम करना चाहिए।
ऑफिस का मुख्य द्वार उत्तर, उत्तर-पूर्व या उत्तर-पश्चिम में होना चाहिए। द्वार के सामने कोई बाधा जैसे खंभा, पेड़ या कचरा नहीं होना चाहिए।
कंप्यूटर, लैपटॉप, और अन्य बिजली के उपकरण आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में रखने चाहिए। यह अग्नि की दिशा है और ऊर्जा के उपकरणों के लिए सर्वोत्तम है।
कॉन्फ्रेंस रूम उत्तर-पश्चिम दिशा में बनाना सबसे अच्छा होता है। यह दिशा चर्चा और सहयोग को बढ़ावा देती है।
पीने के पानी का स्थान उत्तर या उत्तर-पूर्व में होना चाहिए। शौचालय कभी भी उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम में नहीं होना चाहिए। यह उत्तर-पश्चिम या दक्षिण दिशा में बनाया जा सकता है।
कैश काउंटर या तिजोरी को उत्तर दिशा की दीवार के साथ दक्षिण-पश्चिम कोने में रखें ताकि वह उत्तर की ओर खुले। महत्वपूर्ण फाइलें दक्षिण-पश्चिम कोने के कैबिनेट में रखनी चाहिए।
रिसेप्शन उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में होना चाहिए। रिसेप्शनिस्ट का मुख उत्तर या पूर्व की ओर होना चाहिए।
ऑफिस में मनी प्लांट, बैम्बू प्लांट या छोटे हरे पौधे रखना बहुत शुभ होता है। इन्हें उत्तर या पूर्व दिशा में रखें। कैक्टस या काँटेदार पौधों से बचें।
ऑफिस में प्राकृतिक रोशनी का आना बहुत जरूरी है। पर्याप्त रोशनी होने से कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ती है और आलस्य दूर होता है।
कार्यालय में मंदिर हमेशा उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में होना चाहिए। इसे हमेशा साफ-सुथरा रखें।
उपरोक्त नियमों का पालन करने से कार्यालय में सकारात्मकता आती है और व्यापार में निरंतर वृद्धि होती है। वास्तु विकास एप के साथ अपने कार्यस्थल का नियमित विश्लेषण करते रहें।