उत्तर दिशा (North) का दैवीय महत्व
वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर दिशा को भगवान कुबेर का निवास स्थान माना जाता है, जो धन और ऐश्वर्य के अधिष्ठाता हैं। यह दिशा चुंबकीय प्रवाह (Magnetic Flux) का मुख्य स्रोत है। इस दिशा को 'जैविक ऊर्जा का द्वार' भी कहा जाता है। यदि उत्तर दिशा दोषमुक्त हो, तो व्यक्ति के जीवन में कभी आर्थिक संकट नहीं आता और उसे करियर में नित नई ऊंचाइयां प्राप्त होती हैं।
वास्तु सूत्र: उत्तर दिशा यदि खुली, हल्की और स्वच्छ हो, तो यह 'लक्ष्मी' के स्थायी निवास को आमंत्रित करती है। इसके विपरीत, यहाँ भारीपन या गंदगी 'दरिद्रता' का कारण बनती है।
विभिन्न क्षेत्रों में उत्तर दिशा के प्रभाव
1. आवासीय घर (Home)
- मुख्य द्वार: उत्तर दिशा का मुख्य द्वार अत्यंत समृद्धशाली होता है।
- बरामदा: यहाँ अधिक खुला स्थान छोड़ना चाहिए।
- ढलान: घर का ढलान उत्तर की ओर होना सौभाग्य लाता है।
2. कार्यालय (Office)
- प्रवेश: ऑफिस का प्रवेश उत्तर दिशा से होना विकास को बढ़ाता है।
- अकाउंट्स: लेखा विभाग के लिए यह सर्वश्रेष्ठ दिशा है।
- मुख: काम करते समय कर्मचारी का मुख उत्तर की ओर होना चाहिए।
3. बैंक (Banking)
- कैश काउंटर: कैशियर का स्थान उत्तर-मुखी होना शुभ है।
- तिजोरी: बैंक की मुख्य तिजोरी ऐसी रखें कि वह उत्तर की ओर खुले।
4. फैक्टरी (Industry)
- डिस्पैच: माल भेजने का गेट उत्तर में रखें।
- सफाई: उत्तर दिशा को हमेशा खाली और मशीनों से मुक्त रखें।
5. अस्पताल (Hospital)
- रिकवरी: मरीजों का वेटिंग एरिया उत्तर दिशा में होना चाहिए।
- फार्मेसी: दवाइयों की दुकान यहाँ होने से व्यापार बढ़ता है।
6. स्कूल / कोचिंग (Education)
- पुस्तकालय: लाइब्रेरी के लिए यह शांत और एकाग्रता वाली दिशा है।
- कंप्यूटर लैब: आईटी लैब के लिए उत्तर दिशा उपयुक्त है।
7. होटल और रेस्टोरेंट
- स्वागत कक्ष: रिसेप्शन एरिया उत्तर में होना भव्यता बढ़ाता है।
- वाटर फव्वारा: यहाँ छोटा वाटर फाउंटेन लगाने से बरकत होती है।
8. फार्म हाउस (Farm House)
- बगीचा: उत्तर में सुंदर लॉन और कम ऊँचाई वाले पौधे लगाएं।
- स्विमिंग पूल: जल स्रोत के लिए उत्तर-पूर्व दिशा श्रेष्ठ है।
9. गौशाला (Goushalas)
- स्वच्छता: उत्तर दिशा को खुला रखने से पशुओं में बीमारियां कम होती हैं।
- पीने का पानी: पानी की चरही उत्तर में बनाएं।
10. दुकान (Shops)
- डिस्प्ले: नया स्टॉक और आकर्षक चीजें उत्तर दिशा में सजाएं।
- काउन्टर: मालिक का मुख गद्दी पर बैठते समय उत्तर में हो।
11. ब्यूटी पार्लर / सैलून
- दर्पण: उत्तर की दीवार पर बड़े शीशे लगाने से ग्राहकों की भीड़ बढ़ती है।
12. जिम और फिटनेस
- मेडिटेशन: शांत योग साधना के लिए उत्तर-पूर्व कोना चुनें।
13. पेट्रोल पंप (Petrol Pump)
- सेल्स ऑफिस: बिलिंग और ऑफिस उत्तर दिशा में बनाएं।
14. गोदाम (Warehouse)
- स्टॉक: हल्का माल यहाँ रखें, भारी माल दक्षिण की ओर रखें।
15. मंदिर और साधना
- विग्रह: देवी-देवताओं का मुख उत्तर-पूर्व की ओर रखना अत्यंत फलदायी है।
उत्तर दिशा में क्या न करें? (Don'ts)
- सीढ़ियाँ: यहाँ भारी कंक्रीट की सीढ़ियाँ बनाना आर्थिक पतन का कारण है।
- शौचालय: उत्तर दिशा में टॉयलेट होना सबसे बड़ा वास्तु दोष है।
- रसोई: यहाँ चूल्हा या अग्नि स्थान होने से धन का अपव्यय होता है।
- कबाड़: पुराने लोहे, कचरे या बंद मशीनरी को यहाँ कभी न रखें।