वास्तु शास्त्र में 'हाल' को एक ऐसे स्थान के रूप में देखा जाता है जहाँ परिवार के सभी सदस्य अपनी ऊर्जा का आदान-प्रदान करते हैं। यह घर का वह खुला क्षेत्र है जो विभिन्न कमरों की ऊर्जा को आपस में जोड़ता है। हाल जितना विशाल, प्रकाशवान और व्यवस्थित होगा, परिवार में उतना ही प्रेम और समन्वय बढ़ेगा।
प्राचीन वास्तु के अनुसार, हाल का बड़ा हिस्सा घर के केंद्र (ब्रह्मस्थान) के करीब होना चाहिए, ताकि पूरे घर में वायु का संचार निर्बाध रूप से हो सके।
हाल के निर्माण के लिए घर की उत्तर (North) या पूर्व (East) दिशा सर्वोत्तम मानी गई है।
हाल का फर्श घर के अन्य कमरों की तुलना में नीचा या बराबर होना चाहिए, लेकिन कभी भी दक्षिण-पश्चिम दिशा के कमरे से ऊँचा नहीं होना चाहिए।
हाल में बैठने की व्यवस्था इस प्रकार होनी चाहिए कि घर का मुखिया उत्तर या पूर्व की ओर मुख करके बैठे। सोफा सेट या भारी दीवान को हाल की दक्षिण या पश्चिम दीवार के साथ सटाकर रखना चाहिए।
हाल में टीवी, म्यूजिक सिस्टम या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण रखने के लिए दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) दिशा सबसे उपयुक्त है। अग्नि तत्व की इस दिशा में बिजली के उपकरण रखने से उनके खराब होने की संभावना कम होती है और वे घर में शुभ ऊर्जा का संचार करते हैं।
हाल में खिड़कियां उत्तर या पूर्व की दीवार पर होनी चाहिए। सुबह की ताजी धूप जब हाल में प्रवेश करती है, तो वह रात भर की संचित नकारात्मकता को नष्ट कर देती है। रात के समय हाल में झूमर (Chandelier) को केंद्र से थोड़ा हटाकर दक्षिण या पश्चिम की ओर लगाना बेहतर होता है।
हाल की दीवारों के लिए सफेद, हल्का पीला, क्रीम या हल्का नीला रंग सबसे अच्छा माना जाता है। ये रंग शांति और विस्तार के प्रतीक हैं। हाल में कभी भी गहरे लाल, काले या भूरे रंगों का प्रयोग न करें, क्योंकि ये रंग अवसाद या आक्रामकता बढ़ा सकते हैं।
हाल की उत्तर या पूर्व दीवार पर बहते पानी, सुंदर परिदृश्य या फल-फूलों के चित्र लगाएं। यदि आप परिवार की फोटो लगाना चाहते हैं, तो उसे हाल की दक्षिण-पश्चिम दीवार पर लगाएं, यह पारिवारिक संबंधों को मजबूती प्रदान करता है। हाल में युद्ध, रोते हुए बच्चे या हिंसक जानवरों की तस्वीरें कभी न लगाएं।
हाल के उत्तर-पूर्व कोने में पानी का एक छोटा फव्वारा या मछलीघर (Aquarium) रखना अत्यंत शुभ होता है। सप्ताह में एक बार हाल में गूगल या लोबान की धूनी देने से वहां की ऊर्जा शुद्ध होती है। हाल को कभी भी स्टोर रूम की तरह इस्तेमाल न करें, वहां कबाड़ इकट्ठा होना दरिद्रता का सूचक है।