मुख्य द्वार (Main Door/Gate)
विस्तृत वास्तु: मुख्य द्वार घर का सबसे बड़ा दरवाजा होना चाहिए। यह दो पल्लों वाला हो और अंदर की ओर खुले। इसे हमेशा साफ और सजाकर रखें। मुख्य द्वार पर 'स्वास्तिक' या 'ओम' लगाना शुभ है। इसके सामने कोई बाधा (पेड़, खंभा) नहीं होनी चाहिए।
भीतरी दरवाजे (Internal Doors)
विस्तृत वास्तु: घर के अंदर के दरवाजे मुख्य द्वार से छोटे होने चाहिए। दरवाजों की कुल संख्या सम (Even) हो। खुलते समय दरवाजा आवाज न करे, वरना घर में तनाव बढ़ता है।
चौखट (Door Frames)
विस्तृत वास्तु: चौखट हमेशा लकड़ी की होनी चाहिए। बेडरूम और मुख्य द्वार की चौखट के नीचे दहलीज (Sill) होना समृद्धि के लिए अनिवार्य है। यह नकारात्मक ऊर्जा को रोकती है।
खिड़कियाँ (Windows)
विस्तृत वास्तु: उत्तर और पूर्व में खिड़कियों की संख्या अधिक और आकार बड़ा होना चाहिए। दक्षिण-पश्चिम की खिड़कियाँ छोटी और कम रखें ताकि हानिकारक किरणें न आएं।
रोशनदान (Ventilators)
विस्तृत वास्तु: ये छत के करीब होने चाहिए। उत्तर-पूर्व का रोशनदान शुभ है क्योंकि यह घर में प्राण वायु का संचार करता है और अशुद्ध वायु को बाहर निकालता है।
लकड़ी की जाली (Wooden Jali/Screen)
विस्तृत वास्तु: जाली का उपयोग विभाजक के रूप में उत्तर-पश्चिम में करना चाहिए। इसके डिजाइन में नुकीले तीर या हिंसक आकृतियाँ नहीं होनी चाहिए।
मास्टर बेड (King/Queen Bed)
विस्तृत वास्तु: इसे दक्षिण-पश्चिम कोने में रखें। सोते समय सिर दक्षिण की ओर हो। बेड लकड़ी का ही होना चाहिए, लोहे का नहीं। बेड के नीचे कबाड़ कभी न रखें।
सिंगल बेड (Single Bed)
विस्तृत वास्तु: बच्चों या मेहमानों के लिए सिंगल बेड पश्चिम या उत्तर में रखा जा सकता है। बेड का आकार आयताकार ही होना चाहिए।
दीवान (Diwan)
विस्तृत वास्तु: इसे बैठक कक्ष के उत्तर या पूर्व में रखें। यदि इसमें भारी सामान भरा है, तो इसे दक्षिण दिशा में स्थान दें।
बेडसाइड टेबल (Nightstand)
विस्तृत वास्तु: बेड के दोनों तरफ छोटी मेज संतुलन लाती है। इस पर रात में झूठे बर्तन या कचरा न रखें।
सोफा कम बेड (Sofa-cum-Bed)
विस्तृत वास्तु: इसे उत्तर-पश्चिम में रखना चाहिए। इसे मुख्य बिस्तर के रूप में उपयोग न करें क्योंकि इसके जोड़ ऊर्जा प्रवाह में बाधा डालते हैं।
गद्दे और कुशन (Mattress/Cushions)
विस्तृत वास्तु: डबल बेड पर दो अलग गद्दों का प्रयोग वैवाहिक कलह का कारण है। एक ही गद्दा उपयोग करें। कुशन के लिए हल्के और सुखद रंगों का चुनाव करें।
सोफा सेट (Sofa Set)
विस्तृत वास्तु: भारी सोफा दक्षिण या पश्चिम दीवार पर हो। मुखिया को पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठना चाहिए।
कुर्सियाँ (Chairs)
विस्तृत वास्तु: कुर्सियाँ मजबूत और पीछे से ऊँची होनी चाहिए। टूटी हुई कुर्सियाँ दरिद्रता लाती हैं।
रिक्लाइनर (Recliner)
विस्तृत वास्तु: इसे दक्षिण-पश्चिम कोने में रखने से विश्राम का पूर्ण लाभ मिलता है।
आराम कुर्सी (Easy Chair)
विस्तृत वास्तु: इसे पश्चिम दिशा में रखना मानसिक शांति के लिए उत्तम है।
झूला (Indoor Swing)
विस्तृत वास्तु: लकड़ी का झूला उत्तर या पूर्व में लगाएं। झूलते समय मुख उत्तर या पूर्व की ओर होना चाहिए।
स्टूल (Stools/Poufs)
विस्तृत वास्तु: इन्हें कमरे के कोनों में या सोफे के बगल में रखा जा सकता है। ये बहुत भारी नहीं होने चाहिए।
डाइनिंग टेबल (Dining Table)
विस्तृत वास्तु: इसे पश्चिम या उत्तर-पश्चिम में रखें। आकार चौकोर या आयताकार हो। कांच के बजाय लकड़ी की टेबल श्रेष्ठ है।
सेंटर टेबल (Coffee Table)
विस्तृत वास्तु: इसे सोफे के बीच में रखें लेकिन रास्ता न रुकें। इस पर हमेशा फूलों का गुलदस्ता रखना शुभ है।
स्टडी टेबल (Study Desk)
विस्तृत वास्तु: उत्तर या पूर्व की ओर मुख करके बैठें। टेबल को दीवार से थोड़ा अलग रखें।
कंप्यूटर/लैपटॉप टेबल (Workstation)
विस्तृत वास्तु: इसे दक्षिण-पूर्व कोने में रखना चाहिए। तार और केबल व्यवस्थित रखें, उलझे हुए तार विवाद पैदा करते हैं।
साइड टेबल (End Tables)
विस्तृत वास्तु: सजावटी मेज के रूप में उत्तर दिशा में इसका प्रयोग धन के आगमन में सहायक है।
कंसोल टेबल (Console Table)
विस्तृत वास्तु: प्रवेश द्वार के पास कंसोल टेबल पर दर्पण और सकारात्मक वस्तुएं रखना समृद्धि लाता है।
वार्डरोब/अलमारी (Wardrobe)
विस्तृत वास्तु: भारी अलमारी दक्षिण या पश्चिम दीवार पर रखें। दरवाजे उत्तर या पूर्व की ओर खुलें।
ड्रेसिंग टेबल (Dressing Table)
विस्तृत वास्तु: इसे उत्तर या पूर्व में लगाएं। सोते समय इसमें बेड नहीं दिखना चाहिए, वरना स्वास्थ्य बिगड़ता है।
बुकशेल्फ (Bookshelf)
विस्तृत वास्तु: पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा किताबों के लिए उत्तम है। इसे ईशान कोण में भारी न करें।
क्रोकरी कैबिनेट (Crockery Unit)
विस्तृत वास्तु: डाइनिंग रूम के दक्षिण या पश्चिम में रखें। टूटे हुए बर्तन यहाँ कभी न रखें।
टीवी यूनिट (TV Unit/Console)
विस्तृत वास्तु: टीवी को दक्षिण-पूर्व में लगाएं। इसे उत्तर-पूर्व में लगाने से अशांति हो सकती है।
शू रैक (Shoe Rack)
विस्तृत वास्तु: पश्चिम या उत्तर-पश्चिम में रखें। इसे मुख्य द्वार के ठीक सामने कभी न रखें।
चेस्ट ऑफ ड्रॉअर्स (Chest of Drawers)
विस्तृत वास्तु: इसे कमरे के दक्षिण भाग में रखना स्थिरता लाता है। दराजों को हमेशा व्यवस्थित रखें।
पेंट्री यूनिट (Pantry Cabinet)
विस्तृत वास्तु: किचन के उत्तर-पश्चिम या दक्षिण भाग में राशन का भंडारण करें।
लकड़ी का मंदिर (Wooden Mandir)
विस्तृत वास्तु: इसे उत्तर-पूर्व (ईशान) कोने में ही स्थापित करें। लकड़ी का मंदिर ही सर्वश्रेष्ठ है।
बार कैबिनेट (Bar Unit)
विस्तृत वास्तु: इसे केवल उत्तर-पश्चिम दिशा में ही रखें। दक्षिण-पूर्व में बार होना अग्नि दोष उत्पन्न करता है।
बेंच (Indoor Bench)
विस्तृत वास्तु: खिड़की के पास या बालकनी में इसे उत्तर दिशा की ओर रखें।
सीढ़ी (Wooden Ladder)
विस्तृत वास्तु: लकड़ी की सीढ़ी का उपयोग केवल दक्षिण या पश्चिम भाग में करना चाहिए।
वॉल शेल्व्स (Floating Shelves)
विस्तृत वास्तु: दीवार पर हल्की रैक उत्तर या पूर्व में शुभ है। भारी रैक दक्षिण में लगाएं।
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