१. भोजन कक्ष का आदर्श स्थान
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में भोजन कक्ष (Dining Room) के लिए **पश्चिम (West)** दिशा को सर्वोत्तम माना गया है। पश्चिम दिशा लाभ और प्राप्ति की दिशा है, यहाँ बैठकर किया गया भोजन शरीर को पूर्ण पोषण देता है और परिवार में समृद्धि लाता है।
यदि पश्चिम संभव न हो, तो **दक्षिण-पूर्व (आग्नेय)** या **पूर्व** दिशा में भी भोजन कक्ष बनाया जा सकता है। लेकिन ध्यान रहे, भोजन कक्ष कभी भी दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) दिशा में नहीं होना चाहिए, क्योंकि यहाँ बैठकर भोजन करने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
२. डाइनिंग टेबल का विन्यास (Table Placement)
भोजन की मेज (Dining Table) का आकार हमेशा **चौकोर (Square)** या **आयत (Rectangular)** होना चाहिए। गोल या अंडाकार टेबल से बचना चाहिए क्योंकि यह ऊर्जा के समान वितरण में बाधा डालता है।
मुख की दिशा और प्रभाव:
१. घर के मुखिया का मुख भोजन करते समय हमेशा **पूर्व (East)** या **उत्तर (North)** की ओर होना चाहिए।
२. परिवार के अन्य सदस्य भी उत्तर या पूर्व की ओर मुख करके बैठें तो श्रेष्ठ है।
३. दक्षिण की ओर मुख करके भोजन करना 'यम' की दिशा मानी जाती है, जिससे पाचन कमजोर हो सकता है।
३. दर्पण का चमत्कारिक प्रभाव
४. आंतरिक सज्जा और रंग
भोजन कक्ष के लिए **हल्का हरा, नारंगी, क्रीम या गुलाबी** रंग उत्तम होता है। हल्का हरा रंग शांति देता है, जबकि नारंगी रंग भूख को उत्तेजित करता है। यहाँ कभी भी गहरे नीले या काले रंग का प्रयोग न करें, क्योंकि ये भोजन के प्रति अरुचि पैदा कर सकते हैं।
| वस्तु/क्रिया | वास्तु निर्देश | परिणाम |
|---|---|---|
| वॉश बेसिन | उत्तर या पूर्व दिशा | जल तत्व का संतुलन |
| रेफ्रिजरेटर | दक्षिण-पश्चिम कोना | भोजन की ताजगी |
| मोबाइल/TV | भोजन के समय वर्जित | एकाग्रता और संस्कार |
५. महत्वपूर्ण सावधानियां (Strict Taboos)
- भोजन कक्ष कभी भी शौचालय (Toilet) के ठीक सामने या नीचे नहीं होना चाहिए।
- डाइनिंग टेबल के ऊपर कभी भी भारी बीम नहीं होना चाहिए।
- भोजन करते समय कभी भी कलह या नकारात्मक बातें न करें, क्योंकि अन्न पर विचारों का सीधा प्रभाव पड़ता है।
- भोजन के तुरंत बाद थाली में हाथ न धोएं, यह अन्नपूर्णा का अपमान माना जाता है।
अंततः, भोजन की मेज पर हमेशा ताजे फल या पीने के पानी का भरा हुआ जग (उत्तर-पूर्व में) रखना चाहिए। इससे घर में कभी भी अभाव की स्थिति उत्पन्न नहीं होती।