VASTU VIKAS - आग्नेय (South-East)
Logo
Go to Home
उत्तर N NE पूर्व E आग्नेय SE दक्षिण S SW पश्चिम W NW

आग्नेय दिशा (South-East) और पूर्व का संबंध

वास्तु शास्त्र के अनुसार, आग्नेय दिशा (दक्षिण-पूर्व) अग्नि तत्व का स्थान है। इसके अधिपति देवता 'अग्नि' हैं और ग्रह स्वामी 'शुक्र' हैं। पूर्व दिशा के बगल में स्थित होने के कारण, यहाँ सूर्य की पहली किरणों का ताप और अग्नि का तेज दोनों मिलते हैं। यह दिशा ऊर्जा, स्वास्थ्य, धन और उत्साह का प्रतीक है।

1. आवास और घर (Residential House)

आग्नेय दिशा में रसोई घर (Kitchen) का होना सबसे शुभ माना जाता है।

2. फार्म हाउस (Farm House)

3. कार्यालय और सरकारी ऑफिस (Offices)

4. फैक्ट्री और उद्योग (Industries)

भारी मशीनरी और बॉयलर के लिए आग्नेय दिशा सर्वोत्तम है।

5. दुकान और शॉपिंग मॉल (Shops & Malls)

6. विद्यालय और कोचिंग सेंटर (Schools & Coaching)

7. अस्पताल और क्लिनिक (Hospitals)

8. पेट्रोल पंप और गोदाम (Petrol Pumps & Warehouses)

9. जिम, होटल और ब्यूटी पार्लर

10. मंदिर और ध्यान केंद्र

निष्कर्ष: आग्नेय दिशा जीवन की गति और ऊर्जा की दिशा है। यदि पूर्व दिशा खुली और आग्नेय दिशा अग्नि तत्व से संतुलित हो, तो भवन में रहने वाले लोग यशस्वी, धनी और स्वस्थ होते हैं। इसके विपरीत आग्नेय में पानी का टैंक या दोष होने से कर्ज और स्वास्थ्य हानि होती है।